तितली उड़ी लिरिक्स। बच्चों की कविता

तितली उड़ी, उड़ ना सक़ी

तितली उड़ी, उड़ ना सक़ी

बस पे चढ़ी, सीट ना मिली

सीट ना मिली, तो रोने लगी

सीट ना मिली, तो रोने लगी

ड्राइवर ने कहा, आजा मेरे पास

ड्राइवर ने कहा, आजा मेरे पास

तितली बोली, हट बदमाश

तितली बोली, हट बदमाश

हट बदमाश, मेरा घर है पास

हट बदमाश, मेरा घर है पास

 

तितली उड़ी, उड़ ना सक़ी

तितली उड़ी, उड़ ना सक़ी

रेल में चढ़ी, सीट ना मिली

सीट ना मिली, तो रोने लगी

सीट ना मिली, तो रोने लगी

बन्दर ने कहा, आजा मेरे पास

बन्दर ने कहा, आजा मेरे पास

तितली बोली, हट बदमाश

तितली बोली, हट बदमाश

हट बदमाश, मेरा घर है पास

हट बदमाश, मेरा घर है पास

 

तितली उड़ी, उड़ ना सक़ी

तितली उड़ी, उड़ ना सक़ी

पैदल चली, थकने लगी

थकने लगी, तो रोने लगी

बन्दर ने कहा, आजा मेरे पास

बन्दर ने कहा, आजा मेरे पास

तितली बोली, हट बदमाश

तितली बोली, हट बदमाश

हट बदमाश, मेरा घर है पास

हट बदमाश, मेरा घर है पास

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